सीहोर (गौतम शाह }735 साल से नही मनाया रक्षा बंधन का पर्व
735 साल पुरानी शहादत की याद में पालीवाल समाज ने नहीं मनाया रक्षाबंधन सीहोर श्रावणी पूर्णिमा पर पाली में शहीद हुए हजारों पालीवाल ब्राह्मणों को किया नमन, सीहोर सहित आष्टा-शाहगंज में निभाई परंपरा सीहोर। श्रावणी पूर्णिमा और रक्षाबंधन के अवसर पर जहां शहर में पर्व की धूम रही, वहीं पालीवाल ब्राह्मण समाज ने अपनी 735 साल पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए रक्षाबंधन का पर्व नहीं मनाया। समाजजनों ने पाली में हुए ऐतिहासिक हमले में शहीद हुए हजारों पालीवाल ब्राह्मणों की स्मृति में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके बलिदान को याद किया। पालीवाल ब्राह्मण समाज के अनुसार श्रावणी पूर्णिमा के दिन पाली में हुए हमले के दौरान बड़ी संख्या में ब्राह्मणों ने धर्म और मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। इसी शहादत की याद में समाज द्वारा रक्षाबंधन पर्व नहीं मनाने की परंपरा आज भी निभाई जा रही है। समाजजनों ने शहीदों को नमन करते हुए उनके त्याग और वीरता को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर समाज अध्यक्ष कृष्णकांत पालीवाल, सचिव प्रदीप पालीवाल, कोषाध्यक्ष नरेंद्र पालीवाल, ...