सीहोर (गौतम शाह ) है रघुनाथ ये देह ओर देश कभी पराधीन न हो - प. मोहित पाठक
हे रघुनाथ ये देह और देश कभी पराधीन ना हो पं मोहितराम जी सीहोर भगवान श्रीराम के संस्कार भगवान श्री राम का चरित्र और रामचरित का मानस का पाठ करने वाला व्यक्ति कभी भी दुराचारी मार्ग पर नहीं जाता है हमारी भगवान रघुनाथ से ही प्रार्थना है हम स्वयं अपनी संस्कृति संस्कार का निर्वाह करते हुए कभी पराधीन नहीं हो उक्त उद्गार सीहोर जिले के दोराहा क्षेत्र में स्थित श्रीपाल वाले बाबा हनुमान मंदिर प्रांगण में चल रही नव दिवसीय श्री राम कथा महोत्सव के प्रथम दिवस आज कथा व्यास क्रांतिकारी संत परम गोभक्त पंडित मोहितरामजी पाठक ने व्यक्त किया आपने आगे कथा में वर्णन करते हुए कहा कि मानस की एक-एक चौपाई वेद की ऋचाएं हैं जो भी अपने घर में मुख पर श्री रामचरितमानस की चौपाई का स्मरण करता है ध्यान करता है उसके जीवन में आमंगल नहीं होता है भगवान मंगल भवन है अमंगल हारी है इसलिए हर हिंदू सनातनी को माथे पर तिलक धारण कर हिंदी संस्कृत और संस्कार के साथ श्री रामचरितमानस का पाठ करना चाहिए यह राम कथा बंदर को मानव बना देती है नर को नारायण बना देती है भोगी को योगी बना देती है यह श्री रामचरित और राम कथा का प्रताप है इ...