सीहोर (गौतम शाह ) रक्षा बंधन पर्व पर ग्रहण को लेकर उपजे विवाद पर पंडित गणेश शर्मा का कथन। , राशि वार जाने किस प्रकार की राखी बांधने से भाइयो को होगा लाभ

सीहीर 
4 साल बाद संयोग. ना ग्रहण ना भद्रा दिनभर राखी बांधने का मुहूर्त, पं शर्मा 

सीहोर - इस बार रक्षाबंधन पर बहनों के लिए राहत की बड़ी खबर है। ज्योतिष पदम भूषण एवं स्वर्ण पदक प्राप्त ज्योतिषाचार्य डॉ पंडित  गणेश शर्मा ने बताया कि इस बार ऐसा अवसर आ रहा है, जब रक्षाबंधन पर्व भद्रा के व्यवधान से पूरी तरह मुक्त रहेगा। 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन सूर्योदय से पूर्व ही भद्रा समाप्त हो जाएगी, जिससे प्रातःकाल का संपूर्ण समय और पूरा दिन रक्षा-सूत्र बांधने के लिए अत्यंत शुभ रहेगा।
ज्योतिषाचार्य  डॉ पंडित गणेश शर्मा के मुताबिक, पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह 9:08 बजे शुरू होगी और 28 अगस्त को सुबह 9:48 बजे समाप्त होगी। चूंकि 27 अगस्त को दिनभर भद्रा का प्रभाव रहेगा और 28 अगस्त को उदया तिथि में पूर्णिमा मिल रही है, इसलिए शास्त्रों के अनुसार 28 अगस्त को ही रक्षाबंधन मनाना शास्त्रसम्मत है। इस दिन चंद्रमा कुंभराशि और शतभिषा नक्षत्र में रहेगा। सुबह 07:26 बजे के बाद सुकर्मा योग तथा  बालव करण का शुभसंयोग बनेगा
इस बार की श्रावणी पूर्णिमा केवल रक्षाबंधन ही नहीं, बल्कि कई अन्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्वों के लिए खास है। इस दिन राखी के साथ-साथ यज्ञोपवीत (जनेऊ) बदलना, गायत्री उपासना और विश्व संस्कृत दिवस जैसे पर्वो का भी सुंदर समागम हो रहा है।
आंशिक ग्रहण पर भारत में बेअसर 
ज्योतिष पदम भूषण एवं स्वर्ण पदक प्राप्त ज्योतिषाचार्य पं.  गणेश शर्मा ने बताया कि 28 को आंशिक चंद्र ग्रहण भी लग रहा है, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा। भारत में अदृश्य होने के कारण इसका धार्मिक सूतक काल मान्य नहीं होगा। अतः रक्षाबंधन के पर्व और पूजा-विधान पर ग्रहण का कोई असर या प्रतिबंध लागू नहीं होगा।

राखी बांधने के मुहूर्त एवं चौघड़िया
चर व लाभ (सुकर्मा योग) सुबह 07:26 से 09:48 बजे तक सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त (पूर्णिमा तिथि सहित)।
अमृत सुबह 09:48 से 10:53 बजे तक शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त व शुभ दोपहर 12:28 से 02:03 बजे तक उत्तम एवं मंगलकारी समय।
चर (संध्याकालीन) शाम 05:12 से 06:47 बजे तक शाम के समय राखी बांधने हेतु शुभ ।        *राशि के अनुसार चुनें भाई के लिए शुभ राखी*
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*१. मेष राशि:-* लाल या मैरून रंग की राखी बांधें। इससे भाई के जीवन में उत्साह, साहस और ऊर्जा बनी रहती है।
*२. वृषभ राशि:-* सफेद, चांदी (सिल्वर) या नीले रंग की राखी चुनें। यह उनके जीवन में शांति, स्थिरता और सुख-समृद्धि लाती है।
*३. मिथुन राशि:-* हरे रंग या रेशमी धागे वाली राखी अति उत्तम रहेगी। यह भाई की बुद्धि, व्यापार और संचार क्षमता में वृद्धि करती है।
*४. कर्क राशि:-* पीले, सफेद या मोती जड़ी राखी बांधें। इससे भाई को मानसिक शांति, स्वास्थ्य लाभ और भाग्य का साथ मिलता है।
*५. सिंह राशि:-* नारंगी (ऑरेंज), सुनहरे (गोल्डन) या लाल रंग की राखी सबसे शुभ है। यह उनके मान-सम्मान और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाती है।
*६. कन्या राशि:-* हरे, नीले या गहरे रंग की राखी चुनें। यह उनकी कार्यकुशलता और निर्णय लेने की क्षमता में सुधार करती है।
*७. तुला राशि:-* सफेद, क्रीम या हल्के नीले रंग की राखी बांधना लाभदायक रहेगा। यह जीवन में संतुलन, प्रेम और खुशहाली लाती है।
*८. वृश्चिक राशि:-* लाल, मैरून या गुलाबी रंग की राखी सर्वोत्तम है। यह भाई को नकारात्मक शक्तियों से बचाती है और साहस देती है।
*९. धनु राशि:-* पीले या केसरिया रंग की राखी बांधें। यह उनके ज्ञान, तरक्की और सौभाग्य में वृद्धि करती है।
*१०. मकर राशि:-* नीले या गहरे रंग की राखी शुभ मानी जाती है। यह उनके करियर में सफलता और मजबूती प्रदान करती है।
*११. कुंभ राशि:-* नीले, आसमानी या बहुरंगी (मल्टीकलर) राखी चुनें। यह भाई की रचनात्मकता और नए अवसरों के द्वार खोलती है।
*१२. मीन राशि:-* पीले, सुनहरे या केसरिया रंग की राखी बांधें। यह उनके जीवन में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक शांति लाती है।
*पवित्र प्रतीकों वाली शुभ राखियां
`•यदि आपको भाई की राशि ज्ञात न हो, तो आप सनातन धर्म के इन पवित्र प्रतीकों वाली राखी चुन सकती हैं:-
*स्वास्तिक राखी:-* स्वास्तिक को गणेश जी का रूप माना जाता है। यह भाई के जीवन से सभी विघ्न-बाधाओं को दूर कर सफलता के मार्ग खोलता है।
*ॐ (ओम) राखी:-* ओम की ध्वनि ब्रह्मांड की ऊर्जा का प्रतीक है। इसे बांधने से मानसिक शांति और सुरक्षा मिलती है।
*रुद्राक्ष राखी:-* रुद्राक्ष भगवान शिव का अंश है। रुद्राक्ष युक्त राखी भाई को आरोग्य देती है और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा करती है।
*मौली (कलावा) की राखी:-* कलावा सबसे प्राचीन और शुद्ध रक्षासूत्र माना गया है। त्रिदोष (वात, पित्त, कफ) को नियंत्रित करने और धार्मिक दृष्टिकोण से यह सर्वोत्तम है।
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